- कांग्रेस ने की फर्जी सोशल मीडिया पेज पर कार्रवाई की मांग
- एक सप्ताह में मुकदमा दर्ज न होने पर कांग्रेस देगी धरना
देहरादून/लोक संस्कृति
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज पुलिस महानिरीक्षक (साइबर)nilesh भरणे से मुलाकात कर सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेताओं के विरुद्ध चलाए जा रहे कथित फर्जी और दुष्प्रचार अभियान के संबंध में विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने अपने आरोपों के समर्थन में संबंधित स्क्रीनशॉट, वीडियो लिंक तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्य भी पुलिस प्रशासन को उपलब्ध कराए।
ज्ञापन में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर “वसूली अभियान मोर्चा” नामक एक पेज के माध्यम से उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं के विरुद्ध एआई जनरेटेड और भ्रामक वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचाना है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी पुलिस प्रशासन को शिकायतें दी जा चुकी हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक न तो मुकदमा दर्ज किया गया है और न ही दोषियों के विरुद्ध कोई ठोस कदम उठाया गया है।
प्रतिनिधिमंडल में महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी, पूर्व विधायक मनोज रावत, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, प्रवक्ता राजेश चमोली, महामंत्री राजेंद्र शाह, प्रशांत खंडूरी एवं रितेश जोशी शामिल रहे।
महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए, लेकिन फर्जी वीडियो और दुष्प्रचार के माध्यम से राजनीतिक दलों और नेताओं की छवि धूमिल करना गंभीर अपराध है।
पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि यदि ऐसे तत्वों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द दोनों के लिए घातक सिद्ध होगी।
कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट रूप से अवगत कराया है कि यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर इस मामले में मुकदमा दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।
उत्तराखंड कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि कानून का राज बनाए रखना और डिजिटल माध्यमों से फैलाए जा रहे दुष्प्रचार पर अंकुश लगाना अत्यंत आवश्यक है।

