पीएम की चिट्ठी आई : उत्तराखंड में सियासी हलचलों के बीच पीएम मोदी ने सीएम धामी को भेजी चिट्ठी
कर्मठ और ऊर्जावान का दिया संदेश
देहरादून/लोक संस्कृति
उत्तराखंड के राजनीति में पिछले डेढ़ महीने से जबरदस्त सियासी हलचल है। धामी सरकार में पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के पहाड़ और मैदान पर दिए गए बयान और अभी तक मंत्रिमंडल विस्तार न हो अपने पर राज्य में अटकलों का दौर भी जारी है। पहले संभावना थी कि इसी नवरात्रि में मंत्रिमंडल विस्तार हो जाएगा, लेकिन अभी तक शपथ ग्रहण समारोह का एलान नहीं किया जा सका। इन्हीं सब हलचलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चिट्ठी भेजी है । इस चिट्ठी में पीएम मोदी ने धामी को ऊर्जावान मुख्यमंत्री बताया है।
इस चिट्ठी से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उत्साह में और अधिक संचार हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी की यह चिट्ठी धामी सरकार के 3 साल होने पर प्रधानमंत्री ने यह चिट्ठी मुख्यमंत्री धामी को भेजी है। चिट्ठी में सरकार के 3 साल पूरे होने पर सीएम धामी की खूब तारीफ भी की गई है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में सीएम पुष्कर सिंह धामी को कर्मठ और ऊर्जावान बताया। दरअसल 23 मार्च को धामी सरकार के 3 साल पूरे हुए हैं। पीएमओ की ओर से यह चिट्ठी 29 मार्च को भेजी गई है। लेकिन इसे 3 दिन बाद 1 अप्रैल को सार्वजनिक किया गया। यह ऐसे समय पर सार्वजनिक की गई, जब उत्तराखंड की सियासत में हलचल चल रही है।
प्रधानमंत्री ने अपनी इस चिट्ठी में धामी की जमकर तारीफ की है। जिसके बाद पुष्कर सिंह धामी के राजनीतिक विरोधी चित हो गए हैं। जहां एक तरफ उत्तराखंड में अवैध खनन, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को घेरने की कोशिश की जा रही है।
वहीं प्रधानमंत्री की चिट्ठी ने मुख्यमंत्री धामी को ताकत दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि उत्तराखंड के कर्मठ और ऊर्जावान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के सफलतापूर्वक 3 साल पूरे होने पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। सेवा, सुशासन और विकास के रूप में समर्पित रहे ये तीन साल राज्य के उत्थान में एक बड़ी उपलब्धि है। अपनी विरासत पर गर्व के भाव के साथ आगे बढ़ता हुआ उत्तराखंड आज विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। पीएम ने आगे लिखा कि आज से 25 साल पूर्व जिस विकास और पहचान को स्थापित करने के लिए उत्तराखंड का गठन हुआ था। आज राज्य उस दिशा में तेजी से अग्रसर है।
इसके लिए एक ठोस कार्य योजना के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, परिवहन एवं पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।