देहरादून: फूलदेई बनेगा बच्चों की रचनात्मकता का मंच : कोना कक्षा का धाद ने की पहल

  • फूलदेई बनेगा बच्चों की रचनात्मकता का मंच : कोना कक्षा का धाद ने की पहल
  • वना रीट्रीट,भलोंन, रामनगर, नैनीताल में हुआ सृजन के बालपर्व फूलदेई 2026 का शुभारंभ

देहरादून/लोक संस्कृति

धाद के कोना कक्षा का अध्याय ने सृजन के बालपर्व फूलदेई 2026 का शुभारम्भ रामनगर नैनीताल से किया। जिसमें पारम्परिक फूलदेई की फेरी के साथ बच्चों ने फूलदेई छम्मा देई गाते हुए दहलीजों पर फूल डाले। इसके बाद उत्तराखंड के दस हजार बच्चों के साथ फूलदेई रचनात्मक प्रतिभाग का शुभारम्भ वना रीट्रीट, रामनगर, नैनीताल के परिसर में हुआ। जहाँ  इस अवसर पर क्षेत्र के चार विद्यालय- प्राथमिक विद्यालय भलोंन,उच्च प्राथमिक विद्यालय भलोंन, उच्च माध्यमिक विद्यालय पाटकोट एवं ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल पाटकोट के 100 से अधिक बच्चों ने भाग लिया।

बच्चों ने चित्रकला, कविता एवं कहानी के माध्यम से अपनी भावनाओं के रंग बिखेरे। कार्यक्रम में 22 बच्चों को उनकी विशिष्ट रचनाओं के लिए पुरस्कृत किया गया। बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने सबको मंत्रमुग्ध किया।

कार्यक्रम का परिचय देते हुए कोना कक्षा का के संयोजक गणेश चंद्र उनियाल ने कहा कि फूलदेई में हर वर्ष प्रदेश के बच्चों को उनकी अभिव्यक्ति के लिए एक मंच देने के लिए यह कार्यक्रम किया जाता है जिसमें हम समाज के सहयोग से उत्तराखंड के दूर दराज के स्कूलों के बच्चों तक फूलदेई शीट भिजवाते हैं जिसमें बच्चे अपने मन के रंग या लेखन करते हैं। श्रेष्ठ शीट को पुरस्कृत किया जाता है।

कार्यक्रम की आयोजक स्नेहल ने बताया कि फूलदेई उत्तराखंड का एक महत्वपूर्ण और प्राचीन लोक पर्व है, जिसे आज की पीढ़ी के बीच फिर से जीवित करने की जरूरत है, उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से इस पर्व  को दोबारा लोगों के बीच लाने का प्रयास किया जा रहा है, उन्होंने कहा कि इस आयोजन में रामनगर के भलोंन और आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न स्कूलों के बच्चों को शामिल किया गया है ताकि उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिल सके। कार्यक्रम का संचालन आशा डोभाल संयोजक कोना कक्षा ने किया।

धाद की ओर से तन्मय ममगाईं, सचिव धाद, नीना रावत, सचिव स्मृति वन ने धाद के विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी साझा की इस अवसर पर वना रीट्रीट के प्रदीप रावत, जंगल ऍक्सपी के मनीष, रस्या से मोहन पाठक, शुभम शर्मा के साथ प्रतिभाग में भाग लेने वाले विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाएं एवं स्थानीय जनता उपस्थित रहे।

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